➤ 15 दिन बाद पहली सितंबर से धर्मशाला-चंडीगढ़ के बीच इंडिगो की सीधी उड़ान फिर शुरू होगी
➤ सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी फ्लाइट, गगल से 1:10 बजे उड़ान
➤ 3500 से 4000 रुपये तक किराया, यात्रियों के साथ पर्यटन कारोबार को भी मिलेगी राहत
धर्मशाला और चंडीगढ़ के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। करीब 15 दिन के अंतराल के बाद इंडिगो की धर्मशाला-चंडीगढ़ सीधी उड़ान एक सितंबर से दोबारा शुरू होने जा रही है। विमानन कंपनी ने इस रूट के लिए नया शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके तहत सप्ताह में चार दिन यात्रियों को दोनों शहरों के बीच सीधी हवाई सेवा उपलब्ध होगी।
बरसात के मौसम में इस रूट पर हवाई सेवा बंद रहने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर उन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं, जिन्हें चंडीगढ़ से आगे दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू समेत देश के अन्य शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी होती है। ऐसे यात्रियों को पहले सड़क मार्ग से चंडीगढ़ पहुंचना पड़ रहा था, जिसमें न केवल अधिक समय लगता था, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था।
अब हवाई सेवा बहाल होने से धर्मशाला, कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधे चंडीगढ़ पहुंचने का विकल्प फिर मिल जाएगा। इससे समय की बचत के साथ आगे की हवाई यात्रा के लिए कनेक्टिविटी भी आसान होगी।
सप्ताह में चार दिन चलेगी सीधी उड़ान
इंडिगो की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक धर्मशाला के गगल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ के लिए उड़ान सप्ताह में चार दिन संचालित की जाएगी। विमान सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उड़ान भरेगा।
निर्धारित समय के अनुसार विमान दोपहर 1:10 बजे गगल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ के लिए रवाना होगा। वहीं चंडीगढ़ से धर्मशाला की वापसी उड़ान दोपहर 2:45 बजे निर्धारित की गई है। इस तरह यात्रियों को दोनों शहरों के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी का लाभ सप्ताह के चार दिनों में मिलेगा।
यात्रियों के लिए उड़ान का यह समय भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चंडीगढ़ पहुंचने के बाद आगे की यात्रा की योजना बनाने में सड़क मार्ग की तुलना में काफी सुविधा मिल सकती है।
3500 से 4000 रुपये तक होगा किराया
इस रूट पर हवाई यात्रा के लिए यात्रियों को लगभग 3500 से 4000 रुपये तक किराया चुकाना होगा। किराया यात्रा की तारीख और उपलब्ध सीटों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
करीब 15 दिन तक सेवा बंद रहने के दौरान चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों के पास सड़क मार्ग का ही प्रमुख विकल्प बचा था। ऐसे में बस या टैक्सी से लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लग रहे थे। खासकर बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों और आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों को इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
अब सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा
धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई मार्ग का महत्व केवल दोनों शहरों के बीच आने-जाने तक सीमित नहीं है। चंडीगढ़ देश के कई बड़े शहरों के लिए हवाई कनेक्टिविटी का अहम केंद्र है। धर्मशाला से चंडीगढ़ पहुंचने के बाद यात्री दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू और अन्य शहरों के लिए आगे की उड़ान ले सकते हैं।
यही वजह है कि इस रूट के बंद होने का असर उन यात्रियों पर भी पड़ा, जिनका अंतिम गंतव्य चंडीगढ़ नहीं था। सड़क मार्ग से चंडीगढ़ पहुंचने में लगने वाले अतिरिक्त समय के कारण कई यात्रियों को अपनी पूरी यात्रा का कार्यक्रम बदलना पड़ा।
इंडिगो की उड़ान दोबारा शुरू होने से ऐसे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सीधी उड़ान उपलब्ध होने से धर्मशाला से चंडीगढ़ तक पहुंचने का समय घटेगा और आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ना भी अपेक्षाकृत आसान होगा।
पर्यटन कारोबार को भी मिलेगी राहत
धर्मशाला और कांगड़ा जिला हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में हवाई कनेक्टिविटी का सीधा असर स्थानीय पर्यटन कारोबार पर पड़ता है।
चंडीगढ़ से सीधी उड़ान उपलब्ध होने पर पर्यटकों के लिए धर्मशाला पहुंचना आसान होगा। इसका फायदा होटल, टैक्सी, रेस्टोरेंट और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को मिलने की उम्मीद है।
बरसात के दौरान मौसम और हवाई सेवा में व्यवधान के कारण पर्यटन गतिविधियों पर पहले ही असर पड़ता है। अब सितंबर से उड़ान सेवा दोबारा शुरू होने से पर्यटन कारोबारियों को भी बेहतर सीजन की उम्मीद बंधी है।
गगल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी में होगा सुधार
धर्मशाला के गगल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ की सीधी उड़ान बहाल होना क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रियों को लंबे समय से इस रूट के दोबारा शुरू होने का इंतजार था।
चंडीगढ़ के लिए सीधी उड़ान मिलने से कांगड़ा घाटी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी फायदा होगा। सड़क मार्ग पर निर्भरता कम होने से समय की बचत होगी और हवाई यात्रा का विकल्प पहले की तरह उपलब्ध रहेगा।
कुल मिलाकर, 15 दिन के अंतराल के बाद एक सितंबर से शुरू होने जा रही इंडिगो की यह सेवा यात्रियों के लिए राहत लेकर आई है। सप्ताह में चार दिन उड़ान, दोपहर के निर्धारित समय और चंडीगढ़ से आगे मिलने वाली कनेक्टिविटी को देखते हुए आने वाले दिनों में इस सेवा की मांग बढ़ने की उम्मीद है।



